Showing posts with label रूहेलखंड. Show all posts
Showing posts with label रूहेलखंड. Show all posts

Saturday, July 6, 2013

रूहेलखंड के नज़ारे



रूहेलखंड के नज़ारे 

इस यात्रा को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। 

    वैसे तो बरेली को रूहेलखंड ही कहा जाता है, पर असली रूहेलखंड के नज़ारे तो बरेली से आगे ही शुरू होते हैं। एक्सप्रेस अपनी रफ़्तार में दौड़ रही थी, ट्रेन में सभी यात्री रूहेलखंडी थे, उनकी भाषा से मुझे इस बात का आभास हुआ, वाकई उनकी भाषा बड़ी ही मिठास भरी थी। इधर चारों तरफ हरियाली ने मेरा मन मोह लिया था और मौसम भी सुहावना था, हल्की बारिश हो रही थी, तभी एक स्टेशन आया बिजौरिया। बारिश में हरियाली के साथ साथ मौसम ने वक़्त को काफी खुशनुमा बना दिया था। 

Friday, July 5, 2013

बरेली की यात्रा


 बरेली की यात्रा 

इस यात्रा को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।        

       सुबह का सफ़र बड़ा ही सुहावना होता है खासतौर पर सूरज निकलने से पहले, यूँ तो गर्मी के दिन थे पर मुझे सर्दी का अनुभव होने लगा था, ट्रेन अपनी रफ़्तार से दौड़ रही थी थोड़ी देर में एक वीराने में स्टेशन आया कासगंज सिटी। यूँ तो स्टेशन का नाम कासगंज सिटी है पर मुझे यहाँ कहीं भी सिटी जैसी कोई चीज़ नजर नहीं आयी, था तो सिर्फ वीराना और खेत खलिहान। ट्रेन एक एक्सप्रेस गाड़ी थी, सो बड़ी स्पीड के साथ स्टेशन से निकली मैं फोटू ही नहीं ले पाया।