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Sunday, September 8, 2013

SARNATH


सारनाथ दर्शन 

    माँ को वाराणसी स्टेशन पर छोड़कर मैं एक पैसेंजर ट्रेन के जरिये सारनाथ पहुँच गया, सबसे पहले स्टेशन के शाइन बोर्ड को देखा,  यह और स्टेशनों की अपेक्षा कुछ अलग लगा फिर ध्यान आया कि मैं महात्मा बुद्ध की भूमि में हूँ और उन्ही के धम्म के अनुसार रेलवे ने इस स्टेशन का बोर्ड भी बनाया है। सारनाथ पूर्वोत्तर रेलवे का एक छोटा सा स्टेशन है परन्तु ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण भी है।

   मैं स्टेशन से बाहर आया और थोड़ा सा आगे बढ़ा तो सारंगनाथजी के दर्शन हुए, यह एक बहुत बड़ा शिव मंदिर है यहीं पास में एक बहुत बड़ा कुण्ड है जिसमे लोग मेले के दिनों में स्नान भी करते हैं । सारंगनाथ जी के दर्शन कर मैं महात्मा बुद्ध की तरफ बढ़ रहा था कि इसी बीच यहाँ काफी तेज वर्षा शुरू हो गई ।मतलब घूमने का दुगुना आनंद ।

   मैं महात्मा बुद्ध के मंदिर में पहुंचा यह काफी अच्छा और बहुत ही सुन्दर स्थान है,  यहाँ अकेले आकर मुझे एहसास हुआ कि यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी। मंदिर के प्रांगण में  छोटा सा चिड़ियाघर भी है जिसमे कोई ज्यादा जीव जंतु नहीं थे परन्तु फिर भी यह प्रेमी युगलों की वजह से आज भी गुलजार है।

   कुलमिलाकर सारनाथ पर्यटन की दृष्टि से बहुत ही सुन्दर स्थान है जो वाराणसी से महज दस किमी  की दूरी  पर है। सारनाथ में चाइना मंदिर, तिब्बत मंदिर और अन्य विशेष स्थान देखने लायक हैं । इसके साथ ही सारनाथ से रेलवे स्टेशन के रास्ते पर सारंगनाथ जी का मंदिर भी अति दर्शनीय है।

सारनाथ से एक ऑटो पकड़कर वाराणसी स्टेशन आ गया, शाम को मरुधर एक्सप्रेस से हम आगरा वापस आ गए ।

सारनाथ 

सारनाथ रेलवे स्टेशन 

सारनाथ स्टेशन 

सारनाथ स्टेशन का शाइन बोर्ड 

सारनाथ रेलवे स्टेशन 

सारनाथ रेलवे स्टेशन 

सारनाथ स्टेशन पर चाय की एक दुकान 

SARNATH RAILWAY STATION

सारंगनाथ जी का मंदिर 

सारंगनाथ मंदिर की तरफ 

सारंगनाथ मंदिर 

SARANGNATH

SARANG NATH

SARANGNATH  POND




सारनाथ 

ASHOKA STAMBH

सारनाथ 

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH


SARNATH


S.KUMAR IN SARNATH

SARNATH

SARNATH

SARNATH