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Friday, September 6, 2013

AJMER - 2013

अजमेर दर्शन और तारागढ़ किला 


      एक अरसा बीत चुका था बाबा से मिले,  तो सोचा क्यों न उनके दर पर इस बार हाजिरी लगा दी जाय । बस फिर क्या था, खजुराहो एक्सप्रेस में आरक्षण करवाया और निकल लिए अजमेर की ओर। मैं रात में ही अजमेर पहुँच गया, और वहां से फिर दरगाह। अभी बाबा के दरबाजे खुले नहीं थे, मेरी तरह बाबा के और भी बच्चे उनसे मिलने आये हुए थे जो उनके दरबाजे खुलने का इंतज़ार कर रहे थे, इत्तफाक से आज ईद भी थी। दरगाह का नज़ारा आज देखने लायक था ।

Friday, March 30, 2012

AJMER




ख्वाज़ा गरीब नवाज के दर पर



     मैं ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर हाजिरी देने प्रत्येक साल अजमेर जाता हूँ , इस साल मेरे साथ मेरी पत्नी कल्पना और मेरा भाई दिलीप भी था। मैंने अपनी शादी से पहले ही सियालदाह - अजमेर एक्सप्रेस में रिजर्वेशन करवा रखा था, इस ट्रेन का समय आगरा फोर्ट पर रात को आठ बजे है किन्तु आज यह ट्रेन रात की बजाय सुबह चार बजे आगरा फोर्ट पहुंची। आज हमारी पूरी रात इस ट्रेन के इंतजार में खराब हो गयी, खैर जैसी ख्वाजा जी की मर्जी । मैं आज पहली बार अपनी पत्नी की साथ यात्रा कर रहा था, एक अजीब सी ख़ुशी मेरे दिल में थी, मैं अपनी शादी के बाद अपनी पत्नी को भी सबसे पहले ख्वाजा जी के दर पर ले जाना चाहता था और आज मेरा यह सपना पूरा होने जा रहा था ।