Monday, October 16, 2017

BESANWA FORT




 बेसवाँ किला 

        अलीगढ़ और मथुरा की सीमा पर स्थित इगलास तहसील के अंतर्गत बेसँवा क़स्बा पड़ता है। इस कस्बे में एक ऊँची हवेली है जिसे बेसवाँ किले के नाम से जाना जाता है। मुझे इस किले का इतिहास तो नहीं पता परन्तु इस किले से जुड़े साक्ष्यों से केवल इतना पता चला है कि यह किसी समय हाथरस रियासत का ही एक हिस्सा था। मुरसान किले के राजा महेंद्र प्रताप सिंह के पूर्वजों की वंशावली का इस किले से सीधा सम्बन्ध है। हालांकि यह कोई पर्यटक स्थान नहीं है किन्तु भारतीय इतिहास में यह किला महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मैंने बचपन में ही इस किले के बारे में सुन रखा था इसलिए हर बार इसे देखने की इच्छा मन में रहती थी। आज जब गोरई की तरफ जा रहा था तो रास्ते में  बेसवाँ पड़ा तो लगे हाथ इस किले को भी देख लिया। आज भी यहाँ इस किले के वंशज इसमें निवास करते हैं।



विकिपीडिया में इस किले के वंशजों की सूची दी हुई है जो निम्न प्रकार है

Genealogy of Beswa rulers:
Makhan Singh → Nand Ram (r. 1645-1695) → Jai Singh → Badan Singh → Bhure Singh → Nawal Singh → Har Kisan Singh → Jai Koshore → Gir Prasad Singh
....इन ठेनुंआं राजवंश के कई और छोटे-छोटे हिस्से थे। अन्त समय इन विभिन्न भागों के निम्न अधिपति थे -
  1. राजा बहादुर किशोरीरमनसिंह, - मुरसान राज्य।
  2. कुं बलदेवसिंह जी (मुरसान नरेश के चाचा थे) - बलदेवगढ़ छोटुवा।
  3. कुं० रोहनीरमनध्वजप्रसादसिंह, बेसवां
  4. कुं० प्रेमप्रतापसिंह - वृन्दावन और हाथरस
  5. कुं० नौनिहालसिंह, बलदेवगढ़।
  6. शक्तसिंह के वंशधर - करोल और जेराई।

दूर से  बेसवाँ किला का एक नज़ारा 

 बेसवाँ किला 

 बेसवाँ किला 

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